Saturday, December 20, 2014

कंचे का कप्तान


सुबह में कुत्तों  को पूंछ पकड़ कौन घुमाता होगा 
अब पुराने चबूतरे पे लट्टू कौन नाचता होगा 
गावं का गँवार आया शहर रोटी के लिए 
बच्चों को गाली में डिग्री अब कौन दिलाता होगा |

अपनी हरकत से सबको कौन बहलाता होगा 
पेंड़ पे चढ़ने की ट्रेनिंग अब कौन दिलाता होगा 
रोटी के लिए,शहर आया कंचे का कप्तान 
नन्हे मुन्नों को गुलेल कौन सिखाता होगा |

खूंटे से बंधी भैंस अब बकरी कौन चराता होगा 
आती होगी बाढ़,बंसी से मछली कौन फंसाता होगा 
नीम पे छोटे-छोटे बहुत सारे निमोड़े आते होंगे 
अपने हाँथ  से अब बिढनी कौन उड़ाता होगा