सुहाने मौसम में काली कोयल गाये,
पूछ रही है किसने पेड़ों पे पत्ते लगाये,
कलियों की मुस्कान ने उसे समझाया,
बाबा बसंत फिर हैं अपने घर लौट आये
उन्ही ने तो है पेड़ों के हरे बाल लाये
सुहाने मौसम में काली कोयल गाये,
पूछ रही है किसने पेड़ों पे पत्ते लगाये,
पूछ रही है किसने पेड़ों पे पत्ते लगाये,
कलियों की मुस्कान ने उसे समझाया,
बाबा बसंत फिर हैं अपने घर लौट आये
उन्ही ने तो है पेड़ों के हरे बाल लाये
सुहाने मौसम में काली कोयल गाये,
पूछ रही है किसने पेड़ों पे पत्ते लगाये,