नीले आसमान में जा रहा था
हवाओं संग तेजी से गा रहा था
धरती बहुत प्यासी थी
वो पौधों के लिए पानी ला रहा था
हवा में उड़ता वो सफ़ेद कबूतर
गगन में कलावाजी दिखा रहा था
किसानो का धन्यवाद पा रहा था
वो अम्बर से गुजरता जा रहा था
धरती की प्यास बुझाकर
वो मस्ती के गोते खा रहा था
हवा में उड़ता वो सफ़ेद कबूतर
गगन में कलावाजी दिखा रहा था
हवाओं संग तेजी से गा रहा था
धरती बहुत प्यासी थी
वो पौधों के लिए पानी ला रहा था
हवा में उड़ता वो सफ़ेद कबूतर
गगन में कलावाजी दिखा रहा था
किसानो का धन्यवाद पा रहा था
वो अम्बर से गुजरता जा रहा था
धरती की प्यास बुझाकर
वो मस्ती के गोते खा रहा था
हवा में उड़ता वो सफ़ेद कबूतर
गगन में कलावाजी दिखा रहा था